हेल्थ
तपेदिक पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
विश्व टीबी दिवस 2026 के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ में पल्मोनरी एवं एक्स्ट्रा-पल्मोनरी तपेदिक (टीबी) पर आधारित एक दिवसीय RTPMU स्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया

गोविन्द प्रजापति/लखनऊ। विश्व टीबी दिवस 2026 के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ में पल्मोनरी एवं एक्स्ट्रा-पल्मोनरी तपेदिक (टीबी) पर आधारित एक दिवसीय RTPMU स्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम RTPMU लखनऊ एवं पल्मोनरी मेडिसिन विभाग, RMLIMS द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, जिसमें स्टेट टीबी सेल, उत्तर प्रदेश, UP स्टेट टास्क फोर्स (NTEP) एवं HLFPPT का सहयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी एवं निजी चिकित्सकों को टीबी के नवीनतम निदान, उपचार और प्रबंधन से अपडेट करना था, ताकि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) को और मजबूती मिल सके। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह, निदेशक, RMLIMS एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) राजेन्द्र प्रसाद, पूर्व निदेशक, VPCI, नई दिल्ली एवं उपाध्यक्ष, नेशनल टास्क फोर्स (NTEP) ने अपने संबोधन में टीबी के शीघ्र निदान, प्रभावी उपचार और जनभागीदारी की अहम भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) सूर्यकांत (विभागाध्यक्ष, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, KGMU) ने की। आयोजन में प्रो. (डॉ.) अजय कुमार वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. दर्शन कुमार बाजाज, डॉ. सरस्वती, डॉ. ज्योति, डॉ ऋचा एवं डॉ. अर्पिता वर्मा सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक सत्रों में टीबी के आधुनिक निदान, सैंपल कलेक्शन, ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी प्रबंधन, रेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक एवं एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी और क्रिटिकल केयर जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। बड़ी संख्या में चिकित्सकों एवं फैकल्टी ने सक्रिय भागीदारी की और इंटरएक्टिव सत्रों से लाभान्वित हुए।
IMA लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं वैलेडिक्टरी सत्र के साथ हुआ। IMA लखनऊ की मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर पूरे सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।



