तकनीशियन कर्मचारियों को “दलाल” कहने पर प्रदेश भर विरोध

न्यू इर्न्फोमेशन टुड़े न्यूज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल एवं अन्य उच्च प्रबंधन द्वारा तकनीशियन ग्रेड–2 (टीजी–2) संवर्ग के संबंध में दिया गया वक्तव्य, जिसमें तकनीशियन कर्मचारियों पर अतिरिक्त ड्यूटी न करने एवं “दलाली” करने जैसी टिप्पणी की गई, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक, अमर्यादित एवं निंदनीय है।
पूरे प्रदेश मे हुए विरोध सभा मे संघ पदाधिकारियों के द्वारा कहा गया की “संघ इस प्रकार के असंवेदनशील एवं आधारहीन वक्तव्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है। यह टिप्पणी केवल एक पद या व्यक्ति पर नहीं बल्कि प्रदेश के ऊर्जा निगमों में कार्यरत लगभग 20,000 तकनीशियन कर्मचारियों के मान-सम्मान, गरिमा एवं आत्मसम्मान पर सीधा आघात है।सभी तकनिशियन कर्मचारियों के द्वारा कहा गया की प्रदेश के तकनीशियन कर्मचारी विषम मौसम, दुर्घटना संभावित एवं जानलेवा परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, राजस्व वसूली सुनिश्चित करने, उपभोक्ता शिकायतों (1912, IGRS आदि) का त्वरित निस्तारण करने तथा विभागीय हित से जुड़े समस्त तकनीकी एवं फील्ड कार्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद बिना किसी ठोस साक्ष्य के सम्पूर्ण तकनीकी संवर्ग को सार्वजनिक मंच से अपमानित किया जाना प्रशासनिक मर्यादा एवं सेवा मूल्यों के प्रतिकूल है। संघ द्वारा स्पष्ट किया गया कि “तकनीशियन (टीजी–2) पद पर कार्यरत कार्मिक विभिन्न इकाइयों एवं शाखाओं में संबंधित उच्चाधिकारियों के लिखित आदेशों के अनुपालन में ही कार्य कर रहे हैं। यदि कहीं कार्य आवंटन अथवा तैनाती संबंधी कोई प्रशासनिक विसंगति है, तो उसका समाधान संस्थागत एवं प्रशासनिक स्तर पर किया जाना चाहिए, न कि पूरे संवर्ग को अपमानजनक शब्दों से संबोधित कर। विधुत विभाग के सर्वोच्च पद पर आसीन अधिकारी द्वारा सार्वजनिक मंच से इस प्रकार की सामान्यीकृत एवं नकारात्मक टिप्पणी ऊर्जा प्रबंधन की अदूरदर्शिता एवं जमीनी वास्तविकताओं से दूरी को प्रदर्शित करती है। ऐसी टिप्पणियाँ न केवल कर्मचारियों के मनोबल को गिराती हैं, बल्कि विभागीय समन्वय, कार्य संस्कृति एवं जनसेवा व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं।
संघ के आम सदस्यों का यह भी मत है कि विभाग में लागू की गई विभिन्न नीतियों, निजी सहभागिता योजनाओं, महंगी विद्युत खरीद, ERP, स्मार्ट मीटरिंग एवं पुनर्गठन प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे गंभीर प्रश्नों के बीच जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को दोषी ठहराना प्रबंधन की जवाबदेही से बचने का प्रयास प्रतीत होता है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल एवं उपस्थित ऊर्जा प्रबंधन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रयुक्त “दलाल” जैसे अपमानजनक शब्दों की कठोर निंदा करते हुए मांग करता है कि सम्पूर्ण तकनीकी संवर्ग से तत्काल सार्वजनिक एवं लिखित रूप से बिना शर्त क्षमा याचना की जाए। आज की सभा मे यह भी निर्णय सर्वसम्मती से लिया गया की यदि शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन द्वारा शीघ्र ही इस प्रकरण पर सम्मानजनक स्पष्टीकरण एवं माफी जारी नहीं की जाती है, तो संघ प्रदेश भर के तकनीशियन कर्मचारियों के साथ लोकतांत्रिक, संगठनात्मक, आंदोलनात्मक एवं विधिक स्तर पर प्रथम चरण मे माननीय मुख्यमंत्री मंत्री, उत्तरप्रदेश सरकार कों ज्ञापन एवं अगले चरण मे शक्तिभवन मुख्यालय, लखनऊ का घेराव किया जायगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन की होगी। तकनीकी कर्मचारियों का सम्मान एवं स्वाभिमान सर्वोपरि है तथा संगठन अपने प्रत्येक साथी की गरिमा की रक्षा हेतु न्यायालय से लेकर सड़क तक हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।




