जिलाधिकारी विशाख जी ने मोहनलालगंज तहसील का किया औचक निरीक्षण
अमीनों पर कार्रवाई के आदेश:लंबित वादों पर सख्त, DM ने मोहनलालगंज तहसील का औचक निरीक्षण किया

Govind kumar
निरीक्षण की शुरुआत उपजिलाधिकारी न्यायालय से हुई
जिलाधिकारी विशाख जी ने मोहनलालगंज तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित वादों और वसूली कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। न्यायालयों, अभिलेखागार, संग्रह अनुभाग और समाधान दिवस कक्ष की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण की शुरुआत उपजिलाधिकारी न्यायालय से हुई, जहां आरसीएमएस पोर्टल पर धारा 24 के वादों की समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि दो वर्ष से अधिक पुराने कुछ मामलों में अब तक सुनवाई की तिथि भी निर्धारित नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024 के कई प्रकरण कानूनगो की रिपोर्ट न आने के कारण लंबित हैं।इस पर जिलाधिकारी ने कानूनगोवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबे समय से रिपोर्ट लंबित रखने वाले कानूनगो को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया। साथ ही, पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों की पत्रावलियों का अवलोकन कर सभी पुराने मामलों में दैनिक आधार पर सुनवाई तय कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
तहसीलदार न्यायिक न्यायालय का निरीक्षण किया गया, जहां धारा 34 के अग्रिम तिथि वाले मामलों की समीक्षा हुई।
इसके बाद तहसीलदार न्यायिक न्यायालय का निरीक्षण किया गया, जहां धारा 34 के अग्रिम तिथि वाले मामलों की समीक्षा हुई। यहां भी पुराने वादों में देरी पाए जाने पर दैनिक आधार पर सुनवाई कर निस्तारण के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने धारा 34 के दाखिल-खारिज वादों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने का निर्देश दिया। इसे उप निबंधक कार्यालय में चस्पा करने को कहा गया, ताकि वादकारियों को दस्तावेजों की पूरी जानकारी मिल सके और साक्ष्य के अभाव में मामले लंबित न रहें।
डीएम ने पुरानी फाइलों में नियमित तिथि लगाकर शीघ्र निस्तारण
सभी नायब तहसीलदार न्यायालयों में भी लंबित पत्रावलियों की समीक्षा की गई। डीएम ने पुरानी फाइलों में नियमित तिथि लगाकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। अभिलेखागार में अभिलेख व्यवस्थित पाए गए, लेकिन समाधान दिवस कक्ष में पुराने अभिलेख अलमारी में रखे मिले।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समाधान दिवस के प्रकरण ऑनलाइन दर्ज होते हैं, इसलिए पुराने अभिलेखों की छंटनी (वीडिंग) कराई जाए। संग्रह अनुभाग की समीक्षा में अमीनवार वसूली की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर आगे कार्रवाई की उम्मीद है।



