लखनऊ

चिनहट के पश्चिम गाँव गो आश्रय स्थल का संयुक्त निरीक्षण; 192 गोवंशों के लिए चारे और टीकाकरण की व्यवस्था मिली दुरुस्त

जनपद लखनऊ के विभिन्न गो आश्रय स्थलों का गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री अतुल सिंह एवं माननीय सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर के द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया।

न्यू इनफार्मेशन टुडे – न्यूज

लखनऊ: 09 अप्रैल, 2026 आज जनपद लखनऊ के विभिन्न गो आश्रय स्थलों का गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री अतुल सिंह एवं माननीय सदस्य श्री राजेश सिंह सेंगर के द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए गोवंशों के संरक्षण, पोषण एवं समुचित देखभाल के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
निरीक्षण के क्रम में अस्थाई गो आश्रय स्थल पश्चिम गाँव, ब्लॉक चिनहट का अवलोकन किया गया, जहाँ लगभग 192 निराश्रित गोवंश संरक्षित पाए गए तथा उनकी देखभाल हेतु केयरटेकर तैनात थे। गोवंशों के पोषण हेतु साइलेज एवं भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित पाई गई तथा टीकाकरण एवं टैगिंग का कार्य पूर्ण पाया गया। स्थल पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु स्वच्छता, पेयजल सुविधा, चरही के उपयुक्त स्तर, छायादार व्यवस्था, भूसा भंडारण एवं हरे चारे की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
तत्पश्चात कान्हा गोशाला अकुहारी, नगर पंचायत बख्शी का तालाब का निरीक्षण किया गया, जहाँ कुल 246 गोवंश (111 नर एवं 135 मादा) संरक्षित पाए गए। गोशाला में बायोगैस संयंत्र स्थापित पाया गया, एवं बायोगैस चूल्हा भी जलवाया गया। साथ ही प्राकृतिक पद्धति से सब्जियों का उत्पादन भी हो रहा है एवं गोबर का समुचित निस्तारण भी किया जा रहा है। गोशाला परिसर में स्वच्छता एवं आधारभूत व्यवस्थाएँ बढ़िया पाई गईं। गोवंशों के लिए भूसा भंडारण एवं दाना स्टोर में पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता थी।
निरीक्षण के दौरान उत्तम नस्ल के नंदी रखने पर बल दिया गया, जिससे गोवंश के नस्ल संवर्धन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही स्थानीय स्तर पर चारे एवं साइलेज की उपलब्धता विकसित करने के निर्देश दिए गए।
इसके उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के अधिकारियों के साथ अनुश्रवण समिति की बैठक में गो आश्रय स्थलों से संबंधित विषयों पर समीक्षा की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गो आश्रय स्थलों में ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, जूट के पर्दों के माध्यम से लू से बचाव, हरे चारे की निरंतर उपलब्धता एवं भूसा का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण, रिपोर्टिंग एवं व्यवस्थाओं के सतत सुदृढ़ीकरण पर बल दिया गया। उक्त अवसर पर अपर निदेशक-2 डॉ. अजय कुमार कन्नौजिया, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ सुरेश कुमार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। गो सेवा आयोग द्वारा गोवंश संरक्षण, संवर्धन एवं गो आश्रय स्थलों के सुदृढ़ संचालन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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