कैप्टन रमेश चंद्र यादव का सेवानिवृत्ति के बाद अपने गृह जनपद गाजीपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत
कैप्टन रमेश चंद्र यादव सेवानिवृत्त होकर गाजीपुर लौटे:लोगों ने किया स्वागत, कारगिल युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर में दी थी सेवाएं

Arvind Kumar Patel
भारतीय सेना के ऑनरेरी कैप्टन रमेश चंद्र यादव का सेवानिवृत्ति के बाद अपने गृह जनपद गाजीपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कारगिल युद्ध और ऑपरेशन ‘सिंदूर’ जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में अपनी सेवाएं दी हैं। बुधवार (होली की रात) को कामायनी एक्सप्रेस से गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे। युवाओं, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और भारत माता के जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया।ग्राम बीकापुर निवासी ऑनरेरी कैप्टन रमेश चंद्र यादव हाल ही में भारतीय सेना की आर्टिलरी हेडक्वार्टर नासिक स्थित 172 फील्ड रेजीमेंट (ग्वालियर यूनिट) से सेवानिवृत्त हुए हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, सामाजिक प्रतिनिधियों, परिजनों और शुभचिंतकों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। कैप्टन यादव ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आरती उतारी और सभी उपस्थित लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद डीजे और देशभक्ति गीतों के साथ एक भव्य स्वागत रैली निकाली गई, जिसने पूरे नगर के माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।यह स्वागत रैली गाजीपुर रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए उनके पैतृक गांव बीकापुर तक पहुंची। गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने पैतृक निवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को माल्यार्पण कर उनके चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही अपने गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों का सम्मानपूर्वक अभिवादन किया। गांव के युवा विकास तिवारी ने बताया कि रमेश चंद्र यादव का सैन्य जीवन संघर्ष, अनुशासन और समर्पण की मिसाल रहा है। उन्होंने एक सामान्य सैनिक के रूप में भर्ती होकर ऑनरेरी कैप्टन जैसे सम्मानित पद तक का सफर तय किया।




