ऊर्जा संकट और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की सजगता का प्रतीक: ‘मन की बात’
मन की बात': वैश्विक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने फूँका नागरिकों में नया विश्वास, एकजुटता और संयम का दिया मंत्र

NIT- NEWS
नई दिल्ली/ 29.03.2026 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। आज के इस विशेष संवाद ने वैश्विक स्तर पर जटिल परिस्थितियों और ऊर्जा संकट के दौर में हर भारतीय नागरिक के मन में एक नई ऊर्जा और अटूट विश्वास का संचार किया है।
वैश्विक संकट और भारत की सजगता
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आज जब पूरी दुनिया चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है और विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है, तब भारत पूरी तरह सजग और किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। उनका संतुलित और भरोसा जगाने वाला दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि भारत की कमान एक सुदृढ़ नेतृत्व के हाथ में है।
अफवाहों से दूर रहने और एकजुटता का आह्वान
पीएम मोदी ने देशवासियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि नागरिक जागरूक रहें, किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और एकजुट होकर संयम के साथ अपना आचरण करें। प्रधानमंत्री का यह मार्गदर्शन हर नागरिक के लिए वर्तमान परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच की तरह है।
स्थिरता और जिम्मेदारी का संदेश
इस संवाद के माध्यम से न केवल देश में स्थिरता का माहौल बना है, बल्कि हर व्यक्ति के भीतर अपनी जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री के इस प्रयास की सराहना करते हुए जानकारों का मानना है कि ऐसे संवाद संकट के समय में जनता और सरकार के बीच के सेतु को और अधिक मजबूत करते हैं।
देश के हर नागरिक की ओर से इस प्रेरक संवाद के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है, जो राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा के प्रति देशवासियों को और अधिक प्रतिबद्ध बनाता है।




