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उत्तर प्रदेश राज्य में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम (27 अक्टूबर, 2025 से 10 अप्रैल, 2026 तक) की उपलब्धियां
लखनऊः 10 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा जी द्वारा शुक्रवार को मीडिया सेंटर, लोकभवन लखनऊ में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के संबंध में प्रेस वार्ता की।

न्यू इनफार्मेशन टुडे – न्यूज
लखनऊः 10 अप्रैल, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा जी द्वारा शुक्रवार को मीडिया सेंटर, लोकभवन लखनऊ में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के संबंध में प्रेस वार्ता की।
प्रदेश में दिनांक 27 अक्टूबर, 2025 से दिनांक 10 अप्रैल, 2026 तक चला विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम निर्वाचक नामावली के अन्तिम प्रकाशन के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। 166 दिनों तक चले इस वृहद अभियान को सफल बनाने में समस्त 75 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ), 18.026 बीएलओ सुपरवाइजरों और 1,77.516 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा निष्ठा एवं लगन के साथ कार्य किया गया। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों एवं करोड़ों मतदाताओं द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के प्रचार प्रसार एवं जागरूकता में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया द्वारा भी अपना अमूल्य योगदान दिया गया।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के महत्वपूर्ण आंकड़े इस प्रकार हैं: कार्यक्रम की घोषणा 27 अक्टूबर 2025 को की गई। गणना चरण 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चला। मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को हुआ। दावा एवं आपत्ति अवधि 6 जनवरी 2026 से 6 मार्च 2026 तक थी। नोटिस चरण (सुनवाई, सत्यापन) और दावे तथा आपत्तियों का निस्तारण 6 जनवरी 2026 से 27 मार्च 2026 के बीच किया गया। अंततः, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को किया गया।
मसौदा मतदाता सूची 06 जनवरी 2026 में कुल मतदाता 12,55,56,025 थे, जिनमें पुरुष 6,88,43,159 जो 54.83%, महिला 5,67,08,747 जो 45.17%, और तृतीय लिंग 4,119 जो 0.01% से कम थे। 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 3,33,981 जो 0.27% थे और जेंडर रेशियो 824 था।
अंतिम निर्वाचक नामावली (10 अप्रैल 2026) में कुल मतदाता 13,39,84,792 हो गए, जिनमें पुरुष 7,30,71,061 जो 54.54%, महिला 6,09,09,525 जो 45.46%, और तृतीय लिंग 4206 जो 0.01% से कम थे। 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 17,63,360 जो 1.32% थे और जेंडर रेशियो 834 हो गया।
मसौदा से अंतिम सूची में कुल मतदाताओं में 84,28,767 की वृद्धि हुई, जिसमें पुरुष 42,27,902, महिला 42,00,778, तृतीय लिंग 87, और 18-19 आयु वर्ग के मतदाता 14,29,379 बढ़े। जेंडर रेशियो में 10 अंकों की वृद्धि हुई।
सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 जिले प्रयागराज (3,29,421), लखनऊ (2,85,961), बरेली (2,57,920), गाजियाबाद (2,43,666), और जौनपुर (2,37,590) थे।
सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र साहिबाबाद (82,898), जौनपुर (56,118), लखनऊ पश्चिम (54,822), लोनी (53,679), और फिरोजाबाद (47,757) थे।
नोटिसों की सुनवाई के संबंध में मिलान न कराने वाले मतदाताओं कुल 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ, जबकि 2.22 करोड़ मतदाताओं में तार्किक विसंगतियां पाई गईं। नोटिस जारी करने की पहली तिथि 14 जनवरी, 2026 थी, और सुनवाई की पहली तिथि 21 जनवरी, 2026 निर्धारित की गई थी। सभी नोटिस शत-प्रतिशत जारी और वितरित किए गए तथा 27 मार्च, 2026 तक सभी सुनवाइयां पूरी कर ली गईं। सुनवाई के लिए 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए थे। कुल 5,621 नोटिस सुनवाई केंद्र स्थापित किए गए थे।
समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया था कि वह सुनवाई हेतु आने वाले मतदाताओं को अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधियों को यथासंभव सहायता प्रदान की जाय जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सुनवाई स्थल पर मतदाताओं को कम से कम समय व्यतीत करना पड़े।
मतदाताओं की सुविधा हेतु ई०आर०ओ० एवं ए०ई०आर०ओ० द्वारा मतदान केन्द्रों पर भी सुनवाई की गयी, इससे मतदाताओं को भी न्यूनतम दूरी तय करनी पड़ी तथा मतदाता सुनवाई हेतु उपस्थित हो सके। बूथ लेवल अधिकारी द्वारा भी मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने में सहयोग किया गया।
तार्किक विसंगति हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बीएलओ नोटिस को मतदाता अथवा उसके संबंधी को देकर पावती व फोटो को अपलोड करेगा तथा संबंध का अभिलेख एवं विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का अंश एवं अपनी घोषणा बीएलओ ऐप पर अपलोड करेगा।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दिशा निर्देशों के अनुसार, दिनांक 06.01.2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बिना नोटिस दिए एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा विहित प्रक्रियानुसार पारित सकारण आदेश के बिना कोई नाम विलोपित (खारिज) नहीं किया गया।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 प्रारम्भ होने के पश्चात मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पांच बैठकें आयोजित की गयी, जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा निर्देशों एवं कार्य की अद्यतन प्रगति से उन्हें अवगत कराते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उनसे फीडबैक एवं सुझाव भी प्राप्त किये गये।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक 29 अक्टूबर, 2025 को हुई, उसके बाद दूसरी बैठक 19 नवंबर, 2025 को हुई। तीसरी बैठक 08 दिसंबर, 2025 को आयोजित की गई, जबकि चौथी बैठक 06 जनवरी, 2026 को हुई। अंतिम, यानी पाँचवीं बैठक 27 जनवरी, 2026 को संपन्न हुई।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 904 तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा 2186 बैठकें आयोजित की गयीं, जिनमें विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से सम्बन्धित समस्त कार्यवाहियों, तत्संबंधी नियमों एवं प्रक्रिया की जानकारी दी गई एवं उनसे सहयोग की अपेक्षा की गयी।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों द्वारा भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया गया।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ-स्तरीय एजेंटों की कुल संख्या 5,82,877 है। इसमें भारतीय जनता पार्टी के 1,61,581, बहुजन समाज पार्टी के 1,54,224, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 97,153, आम आदमी पार्टी के 6,480, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 315, अपना दल (सोनेलाल) (राज्यीय) के 5,493 और समाजवादी पार्टी (राज्यीय) के 1,57,631 एजेंट शामिल हैं।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत प्रदेश भर में समस्त मतदेय स्थलों पर अधिक से अधिक संख्या में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के उद्देश्य से दावा एवं आपत्ति अवधि में चार विशेष अभियान दिवसों का आयोजन किया गया। 11 जनवरी को पहले, 18 जनवरी को दूसरे, 31 जनवरी को तीसरे तथा 22 फरवरी, 2026 को चौथा विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया गया। विशेष अभियान दिवसों में मतदेय स्थलों पर पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6, 6ए, 7 एवं 8 तथा घोषणा पत्र, मसौदा मतदाता सूची, विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अन्तिम मतदाता सूची आदि के साथ बूथ लेवल अधिकारी ससमय उपस्थित रहे। इन दिवसों में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ०प्र० के कार्यालय के अधिकारीगण, रोल प्रेक्षकों (मण्डलायुक्त), जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा विभिन्न मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर अभियान को सफल बनाया गया।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा, सुनवाई केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षण, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक तथा बी०एल०ओ० एवं बी०एल०ओ० सुपरवाइजर के साथ संवाद कर अभियान से जुड़े अनुभव व फीडबैक प्राप्त किये गये और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों/अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल संचालित है। नागरिकों द्वारा आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप पर मोबाइल नम्बर अथवा ई-मेल आईडी से लॉगइन कर अपनी शिकायतों को दर्ज कर उनको ट्रैक किया जा सकता है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए निश्चित समयावधि निर्धारित होती है।
शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट होते हुए 1 से 3 अंक तक दिये जाते हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अवधि में नागरिकों द्वारा दी गयी रेटिंग के अनुसार उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित राष्ट्रीय सम्पर्क केन्द्र (एनसीसी) की भांति विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश स्तर पर राज्य सम्पर्क केन्द्र (एससीसी-हेल्पलाइन नो. 1800-180-1950) तथा सभी जनपदों में जिला सम्पर्क केन्द्रों (डीसीसी-हेल्पलाइन नो. 1950) का संचालन सभी कार्य दिवसों में कराया गया। किसी अन्य जनपद के जिला सम्पर्क केन्द्र पर कॉल करने के लिए उस जनपद के एस०टी०डी० कोड के साथ 1950 डॉयल करना होता है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि के दौरान राज्य सम्पर्क केन्द्र में लगभग-34,000 कॉल्स तथा जिला सम्पर्क केन्द्रों में 85,397 कॉल्स प्राप्त हुई, जिसमें नागरिकों की शिकायतों एवं पृच्छाओं का समाधान किया गया।
भारत निर्वाचन आयोग के जन शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीआरएस) सेल से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में प्राप्त कुल-431 शिकायतों का शतप्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से कुल-107 ज्ञापन प्राप्त हुए, जिसमें समाजवादी पार्टी से 85, भारतीय जनता पार्टी से 10, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से 9, बहुजन समाज पार्टी से-1, सी०पी०आई० (एम) से 1 तथा आम आदमी पार्टी से 1 ज्ञापन प्राप्त हुए। प्राप्त सभी ज्ञापनों में उल्लिखित शिकायतों का निस्तारण कराया जा चुका है।
यदि कोई व्यक्ति निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 (क) के अन्तर्गत और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 27 के साथ पठित जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अन्तिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस के अन्दर प्रथम अपील कर सकता है। अपील हस्ताक्षरित ज्ञापन के रूप में होगी और उसके साथ उस आदेश की प्रति संलग्न होगी जिसके विरूद्ध अपील की गयी है।
यदि अपीलकर्ता जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से असंतुष्ट है, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 (ख) सहपठित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 27 के अन्तर्गत जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय की तिथि से 30 दिनों के अन्दर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की जा सकती है अथवा पंजीकृत डाक से भेजी जा सकती है।




