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उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास में श्महोबा सूर्य महोत्सवश् की शुरुआत हुई।

चितेरी कला कार्यशाला, फोटोग्राफी एवं रील निर्माण प्रतियोगिताएं युवाओं को कर रहा आकर्षित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास में श्महोबा सूर्य महोत्सवश् की शुरुआत हुई। 11 से 17 फरवरी तक आयोजित सात दिवसीय महोत्सव सूर्य के सात रंगों की अवधारणा पर आधारित है, जो ऊर्जा, बुंदेलखंड की समृद्ध विरासत और वीरता का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘इस आयोजन का उद्देश्य महोबा स्थित प्राचीन रैहेलिया सूर्य मंदिर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना है। साथ ही, क्षेत्रीय पर्यटन को गति प्रदान करना है।‘

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि श्प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार बुंदेलखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि महोबा स्थित रैहेलिया सूर्य मंदिर चंदेलकालीन स्थापत्य कला की उत्कृष्टता का अद्भुत उदाहरण है, जबकि वीर आल्हा-ऊदल की अमर परंपरा आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है। मंत्री ने बताया कि ‘महोबा सूर्य महोत्सवश् इसी गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम है।‘
’वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महोत्सव का आगाज’
महोबा सूर्य महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ 11 फरवरी के प्रातः पांच बजे रैहेलिया सागर तट स्थित सूर्य मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान सूर्य की आरती के साथ हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इसके पश्चात भव्य शोभायात्रा सूर्य मंदिर से मोदी ग्राउंड तक निकाली गई।
तारामंडल प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण पहली बार आयोजित की गई तारामंडल प्रदर्शनी रही। यह प्रदर्शनी 11 से 14 फरवरी तक प्रातः 09 बजे से रात्रि 08 बजे तक आयोजित होगी। इसमें दूरबीन से ग्रह-दर्शन, वर्चुअल रियलिटी (वीआर) अनुभव तथा विशेष सोलर फिल्टर के माध्यम से सूर्य दर्शन की सुविधा उपलब्ध है। विद्यार्थियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है, जबकि सामान्य दर्शकों के लिए टिकट शुल्क 250 रुपए निर्धारित है।
मोदी ग्राउंड में पहली बार आयोजित पुस्तक मेला 11 से 17 फरवरी तक प्रातः 09 बजे से रात 10 बजे तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। इसका उद्देश्य किफायती दरों पर अलग-अलग विषयों की पुस्तकें उपलब्ध कराना है। यह विशेष रूप से कीरत सागर क्षेत्र में अध्ययन करने वाले प्रतियोगी परीक्षार्थियों और स्थानीय विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
चितेरी कला..फोटोग्राफी एवं रील निर्माण प्रतियोगिताएं
उद्घाटन अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा पारंपरिक चितेरी कला कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जो 12 फरवरी तक चलेगी। इसके अतिरिक्त फोटोग्राफी एवं रील निर्माण प्रतियोगिताएं 16 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी, जिनमें युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। टैगलाइन एवं जिंगल निर्माण प्रतियोगिताओं की प्रविष्टियां 12 फरवरी तक आमंत्रित की गई हैं।
इन तिथियों पर विशेष आयोजन
महोत्सव के अंतर्गत 14 फरवरी को गोरखगिरी पर्वत पर पर्यटन विभाग का अधिवेशन आयोजित होगा, जिसमें पर्यटन एवं इतिहास पर चर्चा, पर्यटन नीति-2022 की जानकारी तथा वीर रस कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 15 फरवरी को पतंग महोत्सव तथा 16 फरवरी को इसरो के सहयोग से 40 इसरो स्पेस लैब का उद्घाटन किया जाएगा। 17 फरवरी को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ महोत्सव का समापन होगा।
बुंदेली बैंड मैशअप और लोक गायन
संध्याकालीन सांस्कृतिक संध्या में आल्हा गायन, लोक गायन, बुंदेली बैंड मैशअप और भजन प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। उमा शंकर सेन, अबोध सोनी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक समृद्धि और वीरता की परंपरा को जीवंत कर दिया। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम सातों दिन निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘महोबा सूर्य महोत्सव बुंदेली संस्कृति और परंपरा का सजीव चित्रण है। कार्यशालाओं, रचनात्मक प्रतियोगिताओं और कीरत सागर अध्ययन क्षेत्र के समीप आयोजित पुस्तक मेले के माध्यम से इतिहास को जनसामान्य, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरक और उपयोगी बनाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहा है। यह महोत्सव राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।‘

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