उत्तर प्रदेश

उच्च न्यायालय के निर्देश पर आजमगढ़ जेल का निरीक्षण: बाल बैरक में निरुद्ध 57 बंदियों की जानी स्थिति, व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त

आजमगढ़ जिला कारागार में बाल बैरक का हुआ निरीक्षण! सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बंदियों से की बात

नवीन प्रजापति/आजमगढ़ 24 मार्चमाननीय किशोर न्याय समिति, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद व माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय के आदेशानुसार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दीवानी न्यायालय आजमगढ़, नितिका राजन द्वारा जिला कारागार, आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया। माननीय किशोर न्याय समिति द्वारा प्रेषित पत्र के दिशा-निर्देशो के अनुपालन में जिला कारागार में स्थित बाल बैरक का निरीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि बाल बैरक में कुल 57 बन्दी निरूद्ध है, जोकि 18 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के बन्दी है, इन बन्दियों में 54 बन्दी जनपद आजमगढ़ के तथा शेष 03 बन्दी जनपद बलिया के है।   सचिव द्वारा जेल अधीक्षक की उपस्थिति में जिला कारागार निरीक्षण के दौरान कारागार में रखे गये अभिलेखों का भौतिक रूप से सत्यापन किया गया, जिसमें कोई भी बन्दी विधि विवादित किशोर श्रेणी के अन्तर्गत नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान बाल बैरक में बन्दियों द्वारा बताया गया कि उनके मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित है। बन्दियों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। बाल बैरक में साफ-सफाई का उचित प्रबन्ध पाया गया। निरीक्षण के समय सचिव द्वारा जेल अधीक्षक को यह निर्देश दिया गया कि यदि किसी बन्दी के किशोर होने के सम्बन्ध में न्यायालय द्वारा कोई आदेश दिया जाता है तो उसका अनुपालन अविलम्ब सुनिश्चित करें। जेल अधीक्षक को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि किसी भी बन्दी को उसके मुकदमें की पैरवी हेतु अधिवक्ता की आवश्यकता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को यथाशीघ्र पत्र प्रेषित करना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के समय जिला कारागार के अधिकारीगण, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल में कार्यरत अधिवक्तागण, पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहें।

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