लखनऊ

ईद की पूर्व संध्या पर पेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल

राजधानी लखनऊ में एक बार फिर सामाजिक सद्भाव, एकता और भाईचारे की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। ईद की पूर्व संध्या पर मुस्लिम समाज के लोगों ने सिंधी समाज के पावन पर्व चेटी चंड के अवसर पर निकाले गए भव्य जुलूस का दिल खोलकर स्वागत किया।

गोविन्द प्रजापति/लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक बार फिर सामाजिक सद्भाव, एकता और भाईचारे की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। ईद की पूर्व संध्या पर मुस्लिम समाज के लोगों ने सिंधी समाज के पावन पर्व चेटी चंड के अवसर पर निकाले गए भव्य जुलूस का दिल खोलकर स्वागत किया। यह दृश्य न सिर्फ शहरवासियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत तस्वीर भी पेश कर गया। केसरबाग चौराहे पर आयोजित इस स्वागत समारोह में मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों एवं विशिष्ट नागरिकों ने जुलूस पर पुष्प वर्षा कर और माल्यार्पण कर साईं हरीश लाल जी का जोरदार अभिनंदन किया। वातावरण में उत्साह, श्रद्धा और सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला।
ज्ञात हो कि भगवान झूलेलाल, जिन्हें वरुण देवता का अवतार माना जाता है, के प्राकट्य दिवस पर सिंधी समाज अपना नववर्ष मनाता है। इसी पावन अवसर पर हर वर्ष चेटी चंड की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई केसरबाग पहुंची। इस ऐतिहासिक स्वागत में मुस्लिम समाज ने आपसी सौहार्द की शानदार मिसाल देते हुए रोज़ा खोलते खोलते ही शोभायात्रा का हार फूल माला पहना कर और पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत किया। मुस्लिम समुदाय में शामिल वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल वहीद, जुबेर अहमद, तौसीफ हुसैन, नजम अहसन, परवेज अख्तर, वामिक खान के साथ समाजसेवी अब्दुल रशीद, मो. मुख्तार, तौसीफ आलम, आरिफ़ मुकीम, अब्दुल मोईद, शामिल रहे, साथ ही अवधेश सोनकर,राजेश साहू और अमरजीत कुरील सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। वहीं सिंधी समाज की ओर से मुरलीधर आहूजा, मोहनदास लाधानी, विवेक लाधानी, वीरेंद्र खत्री, संजय जेसवानी, श्यामलाल कृष्णानी, अशोक मोतियानी, सतीश अथवानी, रतन मेघानी, अशोक चंदवानी, अनिल बजाज, सतेंद्र भवनानी, महेश दीक्षित, दर्शन लाल एवं साईं किशनलाल जी ने मुस्लिम समाज और पत्रकारों का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुरलीधर आहूजा ने इस अवसर पर सभी को ईद की अग्रिम मुबारकबाद देते हुए देश में अमन, शांति और भाईचारे की कामना की। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि विविधताओं से भरे हमारे समाज में आपसी प्रेम और सम्मान ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

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