ईद और नवरात्रि पर अलर्ट मोड में यूपी पुलिस, लखनऊ में फ्लैग मार्च तेज
ईद पर नमाज को लेकर लखनऊ में चप्पे-चप्पे पर पहरा, दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात

गोविन्द प्रजापति / ईद की नमाज को लेकर लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। शनिवार को महत्वपूर्ण नमाज स्थल टीले वाली मस्जिद, इमामबाड़ा आसिफी मस्जिद, ऐशबाग ईदगाह, संवेदनशील स्थलों पर अर्धसैनिक बल समेत दो हजार से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। ईद और नवरात्रि के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
लखनऊ में ईद-उल-फितर के मद्देनजर 21 मार्च को होने वाली नमाज के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। मस्जिदों और ईदगाहों की निगरानी के लिए पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स और ड्रोन कैमरों के साथ चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। योगी आदित्यनाथ सरकार के कड़े निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक सड़कों पर नमाज नहीं होगी और शरारती तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और 112 नंबर की गाड़ियों के जरिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी और शांति-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई (पासपोर्ट जब्ती, मुकदमा) की जाएगी। नमाज के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है, ताकि लोगों को असुविधा न हो। इसके साथ ही इन स्थानों की ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इन प्रमुख नमाज स्थलों को जाने वाले मार्गों और आस पास सीसी कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि ईद की नमाज शहर में 94 ईदगाह और 1200 से अधिक मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जाएगी। इसको लेकर शहर को पांच जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहेंगे।ईद के पर्व पर इंटरनेट मीडिया प्लेट फार्म इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर कड़ी निगरानी की जाएगी। भड़काऊ पोस्ट डालकर माहौल बिगाड़ने की किसी ने कोशिश की तो उसे जेल भेजा जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर निगरानी करने के लिए आठ टीमें गठित की गई हैं। आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में सक्रिय रहेंगी।




