अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास शिवम शुक्ला कराएंगे रसपान, कलश यात्रा में कई संत हुए शामिल
मिल्कीपुर विकासखंड अंतर्गत कहुवा परे निद्रा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास शिवम शुक्ला लोगों को कथा का रसपान कराएंगे। कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
मिल्कीपुर-अयोध्या। मिल्कीपुर विकासखंड अंतर्गत कहुवा परे निद्रा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास शिवम शुक्ला लोगों को कथा का रसपान कराएंगे। कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किए, जबकि पुरुषों ने सनातन धर्म की ध्वजा लेकर जयकारे लगाए। करीब तीन किलोमीटर लंबी यह यात्रा गांव के विभिन्न मंदिरों से होकर कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा में चार रथों के साथ हाथी और घोड़े भी शामिल थे, जो आकर्षण का केंद्र रहे। इन रथों पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक शिवम शुक्ला जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज (बैद्यनाथ धाम), स्वामी कृष्णानंद जी महाराज (पंजाब), कंप्यूटर बाबा (मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री) तथा अरुण गिरी महाराज और सोनकानंद जी महाराज सवार थे। कलश यात्रा में मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रभान पासवान भी शामिल हुए। उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा में ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंचने और कथा का रसपान करने की भी अपील की। अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास शिवम शुक्ला महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके श्रवण से मनुष्य को जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। महाराज शुक्ला ने बताया कि मनुष्य सांसारिक गतिविधियों में उलझकर अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य भूल जाता है, जबकि भागवत कथा उसे सही मार्ग और जीवन का उद्देश्य बताती है। उन्होंने यह भी कहा कि कथा सुनने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। यह साक्षात भगवान श्रीकृष्ण की वांगमयी मूर्ति है, जिसका दर्शन, श्रवण और चिंतन सभी के लिए कल्याणकारी है। इस श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रोहित तिवारी द्वारा किया जा रहा है, जिसकी मुख्य यजमान श्रीमती रामदेवी हैं। कथा का समापन 17 मार्च को होगा। 18 मार्च को पूर्णाहुति, हवन और उसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजक रोहित तिवारी ने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम 4ः00 बजे से रात 8ः00 बजे तक आयोजित की जाएगी।




