अंगूठी और माला पहनकर विद्यार्थी नहीं दे सकेंगे परीक्षा,
यूपी बोर्ड परीक्षा में अब परीक्षार्थियों को जूते-मोजे उतारने की आवश्यकता नहीं होगी। नकल रोकने के लिए पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व ही ....

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। इस बार अंगूठी या फिर माला पहनकर भी परीक्षा नहीं देनी है। बालिका विद्यालयों में महिला कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था होगी। किसी भी दशा में सचल दल या निरीक्षण दल के पुरुष सदस्य बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी नहीं लेंगे। क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अपर सचिव विनोद राय ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। नियम और मानक भी तय कर दिए गए हैं। इसका अनुपालन सख्ती से कराया जाएगा।
इस बार परीक्षार्थियों को अंगूठी, माला या किसी भी प्रकार के आभूषण पहनकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा केंद्रों पर जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गहनों को लेकर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकना है।
- प्रधानाध्यापक ही केंद्र व्यवस्थापक होंगे।
- हर केंद्र पर एक बाहरी केंद्र व्यवस्थापक रहेगा।
- 50 प्रतिशत स्टाफ बाहरी विद्यालयों से नियुक्त किए गए।
- यदि किसी प्रकार की अनियमितता मिली तो केंद्र और बाहरी केंद्र व्यवस्थापक को हटाया जाएगा। कार्रवाई भी होगी।
- चिकित्सीय अवकाश से पहले जिले के सीएमओ से पुष्टि कराना होगा।
- स्ट्रांग रूम 24 घंटे कैमरे की नजर में होंगे।
- स्ट्रॉन्ग रूम के दरवाजे की एक चाबी स्टैटिक मजिस्ट्रेट के पास रहेगी। दूसरी चाबी एक मजबूत क्लाथ लाइन लिफाफे में रखकर केंद्र और बाहरी व्यवस्थापक के पास रहेगी।
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- सीसीटीवी की रिकाॅर्डिंग को 6 महीने तक सुरक्षित रखना है।
- परीक्षा कक्ष और स्ट्रॉन्ग रूम में मोबाइल फोन के साथ प्रवेश वर्जित है।
- स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित केंद्र व बाहरी केंद्र व्यवस्थापक को परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा।
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- केंद्र पर ही परीक्षा देनी है। यदि कोई ऐसा नहीं करता तो उसका परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। परीक्षा केंद्र, व्यवस्थापक को तीन साल के लिए डिबार किया जाएगा।
- सॉल्वर के पकड़े जाने पर संबंधित परीक्षार्थी सहित मदद करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।
- वेब कास्टिंग होगी। ड्रोन कैमरों से निगरानी व रिकॉर्डिंग की जाएगी।
- एक परीक्षा कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक नियुक्त होंगे। कक्ष निरीक्षकों को परिचय पत्र, आधार कार्ड साथ रखना होगा।
- जिस विषय के पेपर होंगे उस विषय से संबंधित शिक्षकों की तैनाती नहीं की जाएगी।
- सचल दल में महिला निरीक्षक की अनिवार्य व्यवस्था होगी।
- परीक्षा के लिए नामित अधिकारी या कर्मचारी ही परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
- परीक्षा के दौरान केंद्र में कोई अनधिकृत या बाहरी व्यक्ति मिला तो कार्रवाई होगी।
- बिना फोटो युक्त परिचय पत्र के कोई भी ड्यूटी नहीं करेगा।
- परीक्षा के दौरान फोटोग्राफी प्रतिबंधित रहेगी।
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